आज के दौर में कम्युनिकेशन स्किल्स और पब्लिक स्पीकिंग केवल जॉब ही बल्कि पर्सनल ग्रोथ के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। पढ़ाई के साथ बोलने की कला पर भी ध्यान दें।
आत्मविश्वास से बोलें, शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। किसी भी विषय पर बोलने से पहले खुद रिसर्च करें। मिरर के सामने प्रैक्टिस करें, अपनी आवाज रिकार्ड करके सुनें। लाइव सेशंस, डिबेट और सेमिनार में हिस्सा लें।
श्रोताओं से आई-कॉन्टेक्ट बनाकर बातें करें और उनकी प्रतिक्रिया को समझने का प्रयास करें। कोशिश करें कि आपकी बॉडी लैंग्वेज, आवाज़ का उतार-चढ़ाव और प्रेज़ेंटेशन सब बेस्ट रहे।

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