सोहम पारेख घोटाला: वॉल स्ट्रीट को हिला देने वाली डिजिटल ठगी

💣 सोहम पारेख: उस भारतीय घोटालेबाज़ की कहानी जिसने वॉल स्ट्रीट को हिला दिया

सोहम पारेख — एक ऐसा नाम जो अब अमेरिका के वित्तीय गलियारों में चर्चा का विषय बन चुका है। इस डिजिटल घोटालेबाज़ ने वॉल स्ट्रीट की नींव तक हिला दी, और फर्जी पोर्टफोलियो, AI एल्गोरिद्म और डेटा के जरिए $70 मिलियन से ज़्यादा की ठगी कर डाली।

🧠 शातिर दिमाग जिसने ब्रोकरों को बनाया शिकार

सोहम ने डिजिटल ट्रेडिंग बॉट्स, नकली डैशबोर्ड और AI टूल्स की मदद से खुद को सुपर-ट्रेडर के रूप में पेश किया:

  • 📉 फर्जी परफॉर्मेंस चार्ट्स से निवेशकों को लुभाया
  • 🧾 SEC को झूठे डॉक्युमेंट्स भेजे
  • 🌐 शेल कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से पैसे घुमाए
“सोहम ने ट्रेडिंग को डिजिटल जादूगरी बना दिया — और सबने उसे सच मान लिया।” – पूर्व अमेरिकी जांच अधिकारी

💼 कैसे बड़ी कंपनियां हुईं शिकार?

उसकी चकाचौंध भरी AI-संचालित योजनाएं सुनकर बड़े-बड़े वेंचर कैपिटल फंड और फैमिली ऑफिसेस तक बहक गए। कुछ ने $10 मिलियन से भी ज्यादा निवेश कर डाले — बिना सही ऑडिट या डेटा सत्यापन के।

🔍 गिरफ्तारी से पहले हुआ फरार

SEC के एक इंटर्न और एक गुमनाम व्हिसलब्लोअर ने इस घोटाले का भंडाफोड़ किया। लेकिन जब तक एजेंसियां उसके पास पहुँचीं — वह प्राइवेट जेट से देश छोड़ चुका था

📉 घोटाले के नतीजे

  • 💸 कुल अनुमानित ठगी: $72 मिलियन
  • 🔐 तीन अमेरिकी फर्म बंद
  • 🕵️ SEC, FBI, इंटरपोल जांच में जुटे
“यह केवल एक घोटाला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर एक तमाचा था।” – वॉल स्ट्रीट विशेषज्ञ

🤔 क्या वो अकेला था?

विशेषज्ञों का मानना है कि सोहम पारेख एक बड़े डिजिटल धोखाधड़ी सिंडिकेट का चेहरा था, जो AI, क्रिप्टो और फिनटेक की आड़ में वैश्विक स्तर पर स्कैम फैला रहा था।

अब असली सवाल है — क्या यह सिर्फ शुरुआत थी?

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