महुआ मोइत्रा ने उठाई वोटर आईडी और डेटा गोपनीयता को लेकर आवाज

महुआ मोइत्रा का बयान: वोटर आईडी कार्ड से जुड़े अधिकार और चिंताएं

महुआ मोइत्रा का बयान: वोटर आईडी कार्ड से जुड़े अधिकार और चिंताएं

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस की तेजतर्रार सांसद महुआ मोइत्रा ने वोटर आईडी कार्ड से जुड़े विषय पर संसद में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने हाल ही में एक बहस के दौरान सरकार द्वारा वोटर डेटा और आधार कार्ड को लिंक करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंता

महुआ मोइत्रा ने कहा कि वोटर आईडी और आधार को जोड़ने की प्रक्रिया में आम नागरिकों की गोपनीयता का हनन हो सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया चुनावों में पारदर्शिता की बजाय डेटा को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का रास्ता खोल सकती है।

लोकतंत्र में मतदान का अधिकार

उन्होंने अपने भाषण में इस बात पर ज़ोर दिया कि वोट देना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसके लिए किसी की व्यक्तिगत जानकारी को खतरे में डालना सही नहीं है।

सरकार से सवाल

  • क्या वोटर आईडी और आधार लिंक करने से डुप्लीकेट वोटिंग खत्म होगी?
  • क्या इस प्रक्रिया में डेटा लीक और नागरिकों की पहचान चोरी होने की आशंका नहीं है?
  • क्या सरकार ने नागरिकों से उनकी सहमति ली है?

महुआ मोइत्रा की मांग

महुआ मोइत्रा ने मांग की कि चुनाव आयोग और सरकार को इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता रखनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी नागरिक अपने अधिकारों से वंचित न हो। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा डेटा संरक्षण को लेकर दिए गए फैसलों का भी हवाला दिया।

निष्कर्ष

महुआ मोइत्रा का मानना है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग चुनाव सुधार के लिए होना चाहिए, न कि नागरिकों की स्वतंत्रता और गोपनीयता को सीमित करने के लिए। वोटर आईडी कार्ड केवल पहचान का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि लोकतंत्र में भागीदारी का माध्यम है।

टिप्पणियाँ