UPI कैसे काम करता है? आसान भाषा में जानिए ₹18.41 ट्रिलियन ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया!

🚀 UPI के पीछे की कहानी: ₹18.41 ट्रिलियन ट्रांजेक्शन्स कैसे होते हैं!

भारत का UPI (Unified Payments Interface) डिजिटल पेमेंट्स में क्रांति लेकर आया है। यह एक इंटरऑपरेबल, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है जो प्राइवेट इनोवेशन को सक्षम बनाता है। यह सरल, तेज़ और व्यापक रूप से अपनाया गया सिस्टम है।

🔷 UPI कैसे काम करता है?

UPI, Virtual Payment Address (VPA) जैसे rahul@hdfc को डायरेक्ट बैंक अकाउंट से लिंक करता है – IFSC कोड की जरूरत नहीं। लेकिन ट्रांजेक्शन के पीछे क्या होता है? आइए स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं:

  1. राहुल (Sender) PhonePe से अमित (Receiver) को ₹100 भेजता है।
  2. वह अमित का UPI ID एंटर करता है।
  3. PhonePe रिक्वेस्ट को एन्क्रिप्ट करके SBI (Acquiring Bank) को भेजता है।
  4. SBI यह रिक्वेस्ट NPCI को भेजता है, जो राहुल का खाता वेरिफाई करके अमित की बैंक डिटेल्स निकालता है।
  5. NPCI रिक्वेस्ट को ICICI (Amit की बैंक) को वेलिडेशन के लिए भेजता है।
  6. ICICI डिटेल्स कन्फर्म करता है और NPCI, राहुल की बैंक (HDFC) को ₹100 डेबिट करने की अनुमति देता है।
  7. HDFC बैलेंस चेक करता है, अमाउंट डेबिट करता है और NPCI को कन्फर्म करता है।
  8. NPCI, ICICI को ₹100 क्रेडिट करने का निर्देश देता है।
  9. ICICI क्रेडिट पूरा करता है और NPCI को सूचित करता है।
  10. NPCI, RBI के माध्यम से बैंकों के बीच सेटलमेंट करता है और ट्रांजेक्शन पूरा हो जाता है।

💡 यह सब कुछ सेकंड्स में हो जाता है!

💡 UPI इतना शानदार क्यों है?

  • बैंक: फंड होल्ड करते हैं और ट्रांजेक्शन्स प्रोसेस करते हैं।
  • पेमेंट ऐप्स: बैंक अकाउंट्स को लिंक करते हैं और यूजर फ्रेंडली ट्रांजेक्शन की सुविधा देते हैं।
  • NPCI: एक ट्रस्टेड स्विच की तरह काम करता है जो रूटिंग और सिक्योरिटी सुनिश्चित करता है।

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