"EMI बनाम किराया: घर खरीदना क्यों है आज की सबसे समझदारी भरी चॉइस?"

रेंटल मार्केट बनाम होम लोन

🏡 किराए का बाजार महंगा ही नहीं, खराब भी है

मैंने लोगों को बार-बार इस सिस्टम से परेशान होते देखा है:

  • किराएदारों की जमा राशि डूब जाती है।
  • मकान मालिकों को अचानक मेंटेनेंस खर्च उठाने पड़ते हैं।
  • और किराया? सिर्फ 3 साल में 60% बढ़ गया है।

जो ₹21,000 में 2BHK 2021 में मिलता था, अब ₹37,000 या उससे ज्यादा का हो गया है।

ये सिर्फ किराया संकट नहीं है, ये घर खरीदने का एक बड़ा मौका भी है जिसे लोग मिस कर रहे हैं।

हर महीने लाखों लोग इतना किराया दे रहे हैं, जितना एक होम लोन की EMI हो सकती है — या उससे भी ज्यादा।

लेकिन किराए के उलट, EMI आपको ये फायदे देती है:

  • ✅ संपत्ति बनती है
  • ✅ टैक्स में छूट मिलती है
  • ✅ लंबी अवधि की स्थिरता मिलती है

इसीलिए Zoop Money की शुरुआत हुई — ताकि लोग अनिश्चित किराए से निकलकर स्मार्ट तरीके से अपना घर खरीद सकें।

एक पूर्व बैंकर के तौर पर मैंने देखा है कि लोन प्रक्रिया कितनी उलझी और बिखरी हुई होती है।

अक्सर सही ग्राहक, सही लोनदाता तक सही समय पर नहीं पहुंच पाता और या तो ज्यादा खर्च कर देता है या हार मान लेता है।

Zoop में हम इसे आसान बना रहे हैं — वहीं से जहां आप खरीदने का सोचते हैं, ताकि “सोचना” से “घर लेना” आसान और सीधा हो जाए।

💡अगर आप हर महीने इतना किराया दे ही रहे हैं, तो क्यों न उसका मालिक बनें?

आईए, इस खर्च को संपत्ति में बदलें।

घर खरीदना आसान, पारदर्शी और समय पर हो — यही हमारा लक्ष्य है।

#ZoopMoney #SmartHomeOwnership #RentVsBuy

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