📚 UPSC 2025 सिलेबस में बड़ा बदलाव – नए पैटर्न से तैयारी कैसे करें?
📆 अपडेटेड: 25 जुलाई 2025 | ✍️ लेखक: NewsifyHub एजुकेशन डेस्क
भारत की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। आयोग ने इस वर्ष परीक्षा के प्रारूप और सिलेबस में बड़े बदलाव किए हैं, जो सिर्फ पैटर्न में नहीं बल्कि परीक्षा के दृष्टिकोण में भी क्रांतिकारी परिवर्तन दर्शाते हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य अधिक समसामयिक और व्यवहारिक सोच रखने वाले प्रशासनिक अधिकारियों का चयन करना है। आइए विस्तार से समझते हैं कि क्या-क्या बदला है, और कैसे आप इसके लिए खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर सकते हैं।
📄 UPSC 2025: क्या-क्या बदला है?
📝 1. प्रीलिम्स परीक्षा में बदलाव:
CSAT अब क्वालिफाइंग नहीं रहेगा – इसे अब कुल मेरिट में गिना जाएगा, जिससे इसका महत्व काफी बढ़ गया है।
करेंट अफेयर्स की बजाय 'समकालीन मुद्दों' पर ज़ोर – अब प्रश्न पारंपरिक समाचारों से नहीं, बल्कि उनके सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी प्रभावों से संबंधित होंगे।
रीजनिंग और डेटा इंटरप्रिटेशन के प्रश्नों में वृद्धि – विश्लेषणात्मक सोच की परीक्षा अब पहले से कहीं अधिक गहन होगी।
नए टॉपिक जोड़े गए हैं जैसे कि साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल इंडिया, और ब्लॉकचेन तकनीक।
📚 2. मेन्स परीक्षा में बदलाव:
निबंध पेपर में द्विभाषी लेखन – एक निबंध क्षेत्रीय भाषा में और एक अंग्रेजी में अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे अभ्यर्थी की अभिव्यक्ति क्षमता की बहुआयामी परख होगी।
GS पेपर II में 'Governance & AI Ethics' जोड़ा गया है – इससे स्पष्ट है कि प्रशासन में टेक्नोलॉजी के नैतिक पहलू को समझना अब ज़रूरी हो गया है।
Public Health, Data Science और Urban Planning जैसे नए वैकल्पिक विषय – ये परिवर्तन युवाओं की बदलती शिक्षा और रुचियों को दर्शाते हैं।
उत्तर लेखन में केस स्टडी आधारित प्रश्नों की संख्या में वृद्धि – जिससे व्यावहारिक दृष्टिकोण की परीक्षा होगी।
🧑⚖️ 3. पर्सनल इंटरव्यू में नया आयाम:
Situational Judgment Round – अब इंटरव्यू के दौरान एक 15 मिनट का राउंड होगा, जिसमें उम्मीदवारों को सामाजिक और प्रशासनिक परिस्थितियों में त्वरित और संतुलित निर्णय लेने की क्षमता परखा जाएगा।
🧠 तैयारी की रणनीति:
✅ समकालीन मुद्दों की गहराई से समझ विकसित करें। उदाहरण के लिए, Climate Policy में कार्बन क्रेडिट या Just Transition जैसे टॉपिक्स पर ध्यान दें।
✅ AI, डेटा साइंस और टेक्नोलॉजी से जुड़े टॉपिक्स को अपने GS और वैकल्पिक विषयों में शामिल करें। इससे आपकी उत्तरों में वर्तमान से जुड़ाव नज़र आएगा।
✅ CSAT की नियमित प्रैक्टिस करें। डेटा इंटर्प्रिटेशन, लॉजिकल रीजनिंग और कोडिंग-डिकोडिंग जैसे सेक्शन अब ज़्यादा अहमियत रखते हैं।
✅ निबंध लेखन में द्विभाषा की तैयारी करें। दोनों भाषाओं में अभिव्यक्ति अभ्यास करें ताकि परीक्षा के दिन मनचाहा विषय चुनने में सहूलियत मिले।
✅ एथिक्स पेपर में केस स्टडीज़ और सिचुएशनल रिस्पॉन्स की तैयारी करें। इनका उत्तर जितना व्यवहारिक होगा, उतना ही स्कोर बेहतर मिलेगा।
✅ नए वैकल्पिक विषयों की सूची की स्टडी करें और अपनी पृष्ठभूमि व इंटरेस्ट के अनुसार चुनाव करें।
📢 विशेषज्ञों की राय:
प्रख्यात शिक्षाविदों, कोचिंग संस्थानों और पूर्व आईएएस अधिकारियों का मानना है कि UPSC अब ऐसी प्रतिभाओं को चुनना चाहता है जो सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक और तकनीकी परिवेश को समझते हों। यह बदलाव इस परीक्षा को अधिक व्यवहारिक, समसामयिक और राष्ट्र निर्माण के दृष्टिकोण से प्रासंगिक बना रहे हैं।
UPSC द्वारा यह संकेत है कि अब “नॉलेज विद विज़न” की मांग है, जहां तथ्यों के साथ-साथ विश्लेषण और दृष्टिकोण भी मायने रखता है।
📌 निष्कर्ष:
UPSC 2025 का नया पैटर्न परीक्षा को ज्यादा व्यावहारिक और उद्देश्यपूर्ण बना रहा है। यदि आप बदलाव को समझकर रणनीति बनाते हैं और अपने ज्ञान को समसामयिक परिप्रेक्ष्य में विकसित करते हैं, तो आप न केवल इस परीक्षा में सफल होंगे, बल्कि एक बेहतर प्रशासनिक अधिकारी भी बन पाएंगे।
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