दिल्ली-NCR बनाम बेंगलुरु: भारत की स्टार्टअप राजधानी कौन?
दिल्ली NCR स्टार्टअप की दौड़ में बेंगलुरु से आगे निकल रहा है — सिर्फ फंडिंग में नहीं, बल्कि मुनाफे में भी!
IndiaMART, नोएडा स्थित एक बड़ी कंपनी, देश में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाली कंपनियों में से एक है — वो भी बिना भारी वेंचर कैपिटल खर्च किए। ये इस बात का सबूत है कि टिकाऊ बिज़नेस NCR में भी सफल हो सकते हैं।
NASSCOM की एक रिपोर्ट के अनुसार, भले ही बेंगलुरु में अभी भी सबसे ज्यादा टेक स्टार्टअप्स हैं, लेकिन NCR तेज़ी से पकड़ बना रहा है — दिल्ली-NCR की ग्रोथ रेट 25% है, जबकि बेंगलुरु की सिर्फ 15%।
बेंगलुरु की मजबूत पकड़, लेकिन सीमित दायरा
बेंगलुरु आज भी भारत का IT हब है। यहां Infosys, Wipro और Flipkart जैसे दिग्गज हैं। यह शहर टैलेंटेड लोगों और मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का घर है।
यहां विदेशी निवेश और मजबूत फंडिंग नेटवर्क मौजूद हैं, जिससे यह टेक आधारित स्टार्टअप्स के लिए पहली पसंद बना हुआ है।
लेकिन, बेंगलुरु की फोकस सिर्फ टेक्नोलॉजी पर है। IT से बाहर के स्टार्टअप्स को यहां उतना सपोर्ट नहीं मिलता। साथ ही भाषा की राजनीति, ट्रैफिक और पानी भराव जैसे समस्याएं स्टार्टअप्स के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
दिल्ली-NCR की खासियत: विविधता और लाभ
दिल्ली-NCR तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यहां प्रॉफिटेबिलिटी, सेक्टर डाइवर्सिटी और सरकारी नजदीकी का फायदा मिल रहा है। यहां "बिना सोचे बढ़ो" की जगह अब "स्मार्ट और टिकाऊ विकास" को प्राथमिकता दी जा रही है।
हालाँकि दोनों शहरों की अपनी चुनौतियाँ हैं, लेकिन आंकड़े दिखाते हैं कि असली कमाई कहाँ हो रही है। और यही आने वाले समय में स्टार्टअप की दिशा को बदल सकता है।

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