दिल्ली ईंधन प्रतिबंध पर पूर्व IAF पायलट का सवाल: जब 40 साल पुराने विमान उड़ रहे हैं, तो निजी वाहन क्यों बंद?
दिल्ली ईंधन प्रतिबंध: निजी वाहनों पर रोक पर पूर्व IAF पायलट की आपत्ति
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से ईंधन आधारित निजी वाहनों पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध पर एक पूर्व भारतीय वायुसेना (IAF) पायलट ने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा, "हम अभी भी 40 साल पुराने विमान उड़ा रहे हैं, जो भारी मात्रा में ईंधन जलाते हैं और कार्बन उत्सर्जन करते हैं, फिर निजी वाहनों पर प्रतिबंध क्यों?"
पूर्व पायलट का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां कई लोग उनकी बात से सहमति जता रहे हैं। उनका तर्क है कि व्यक्तिगत वाहन लोगों की दैनिक जरूरत हैं और अचानक लगाए गए प्रतिबंध आम जनता के लिए असुविधा का कारण बन रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि निजी वाहनों की संख्या बहुत अधिक है और उनका कुल प्रदूषण स्तर शहर के पर्यावरण पर भारी प्रभाव डालता है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार "गंभीर" श्रेणी में बना हुआ है, जिसके चलते सरकार ने कई आपातकालीन कदम उठाए हैं, जिनमें डीज़ल वाहनों पर प्रतिबंध, निर्माण कार्य पर रोक, और स्कूल बंद करना शामिल है।
इस बहस ने सरकार और नीति-निर्माताओं के लिए दीर्घकालिक समाधान तलाशने की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है, ताकि स्वच्छता और सुगमता के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।
आपका क्या कहना है? क्या यह प्रतिबंध न्यायसंगत है या एकतरफा?

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