भारत में वजन घटाने की दवाओं की तरफ़ तेजी से बढ़ती रुचि
प्रकाशित तिथि: 2 जुलाई 2025 | लेखक: NewsifyHub टीम
🔍 नई दवाओं का क्रेज़: वेगोवी और माउनजारो
2025 में भारत में मोटापे से पीड़ित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में अमेरिकी दवाएं जैसे Wegovy (Novo Nordisk) और Mounjaro (Eli Lilly) ने लोगों के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। ये दवाएं अब हाई-प्रोफाइल ग्राहकों से लेकर शहरी युवा वर्ग तक में आम होती जा रही हैं।
📈 क्यों हो रहा है इतना क्रेज़?
- तेजी से परिणाम दिखाना – बिना डाइट और जिम के वजन में गिरावट
- सोशल मीडिया प्रभाव – फिटनेस और सेल्फी कल्चर
- बॉलीवुड और इन्फ्लुएंसर्स द्वारा प्रचार
- निजी क्लिनिकों और टेलिमेडिसिन प्लेटफार्मों की पहुंच
⚠️ जोखिम और सावधानियाँ
हालांकि इन दवाओं के प्रभावी परिणाम देखे जा रहे हैं, लेकिन इनके दुष्प्रभाव भी गंभीर हो सकते हैं जैसे:
- उल्टी और मतली
- मेटाबोलिक समस्याएं
- लंबे समय तक सेवन से शरीर पर निर्भरता
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन दवाओं का सेवन केवल पंजीकृत डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
💊 भारत में बाज़ार की स्थिति
भारत में इस सेगमेंट का बाजार 2026 तक $1 बिलियन के पार जाने की संभावना है। Sun Pharma और Cipla जैसी भारतीय कंपनियाँ भी इन दवाओं के जेनेरिक संस्करण लाने की योजना में हैं, जिससे इनकी कीमतें भी आम जनता के लिए सुलभ हो सकेंगी।
📌 निष्कर्ष
भारत में तेजी से बदलती जीवनशैली और शरीर की छवि के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता ने वजन घटाने की दवाओं को एक नई दिशा दी है। लेकिन जरूरी है कि इन दवाओं का उपयोग जागरूकता और डॉक्टर की निगरानी में हो।

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