रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के तेज़ गेंदबाज़ यश दयाल पर एक महिला ने शादी का झाँसा देकर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया


🗞️ ताज़ा ख़बर (28–29 जून 2025)

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के तेज़ गेंदबाज़ यश दयाल पर एक महिला ने शादी का झाँसा देकर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि यह रिश्ता पिछले पाँच सालों से चल रहा था और उसने महिला को अपने परिवार से भी मिलवाया था, जिसपर उसने अपना विश्वास जताया था ।

महिला ने यह शिकायत गाज़ियाबाद की IGRS (Integrated Grievance Redressal System) के ज़रिए दर्ज कराई है, साथ ही यूपी मुख्यमंत्री कार्यालय को भी इसकी सूचना दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि महिला ने इस मामले की रिपोर्ट 14 जून 2025 को महिला हेल्पलाइन पर दर्ज कराई थी, लेकिन कोई त्वरित कार्रवाई नहीं हुई ।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि जब महिला ने यश दयाल के व्यवहार के खिलाफ विरोध जताया, तो वह उसे मारपीट व मानसिक दुर्व्यवहार का शिकार बना दिया गया ।

गाज़ियाबाद पुलिस ने FIR दर्ज की है और यश दयाल को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया, तथा 21 जुलाई 2025 तक जांच पूरी करने का निर्देश मुख्यमंत्री कार्यालय ने जारी किया है ।

फिलहाल यश दयाल या आरसीबी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है ।

🕵️‍♀️ मामले की मुख्य बातें

बिंदु जानकारी

शिकायतकर्ता गाज़ियाबाद, यूपी की एक महिला
मामले का दायरा शादी का झाँसा, मानसिक-शारीरिक व आर्थिक उत्पीड़न
सबूत चैट, स्क्रीनशॉट, वीडियो कॉल, फ़ोटो
तकनीकी कार्रवाई FIR दर्ज, पुलिस नोटिस, सीएम कार्यालय से रिपोर्ट मांगी गई
तारीख़ शिकायत: 14 जून 2025; FIR: 28–29 जून 2025; जांच: 21 जुलाई तक


⚖️ अगली चुनौती

पुलिस द्वारा बयान गतिरोधी जांच की जा रही है।

सीएम कार्यालय ने स्पष्ट रूप से 21 जुलाई 2025 तक मामले की रिपोर्ट मांगी है।

यश दयाल की क्रिकेट करियर व प्रतिष्ठा इस मामले से प्रभावित हो सकती है।

न्यायप्राप्ति हेतु पीड़िता की आवाज़ न्यायपालिका और समाज में महत्वपूर्ण सन्देश भेजती है।


🧾 निष्कर्ष

यह मामला न केवल यश दयाल की निजी साख को प्रभावित कर सकता है, बल्कि भारतीय क्रिकेट जगत में ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर शिक्षित व संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता को भी उजागर करता है। आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई निर्धारित करेगी कि शिकायतकर्ता को न्याय मिले या नहीं।




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