क्या हल्दी-पानी ट्रेंड काला जादू है? अल्लाह की मर्ज़ी के खिलाफ? ‘कानपुरिया’ अंदाज़ ने सबको हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया


सोशल मीडिया पर अक्सर नए-नए ट्रेंड वायरल होते रहते हैं। इन दिनों हल्दी, पानी और मोबाइल की फ्लैश लाइट वाला एक ट्रेंड काफी चर्चा में है। इस ट्रेंड में लोग एक गिलास पानी में थोड़ा सा हल्दी पाउडर डालते हैं और उसे मोबाइल की टॉर्च पर रखते हैं। इसके बाद जो चमकदार रोशनी बनती है, वही इंटरनेट पर वायरल हो रही है।

कई लोग इसे खूबसूरत और आकर्षक बता रहे हैं, लेकिन कुछ लोग इसे लेकर आत्मिक और धार्मिक चिंता भी जता रहे हैं। कुछ का कहना है कि यह ट्रेंड पुराने तांत्रिक या काले जादू जैसे रिवाज़ों की नकल करता है और इससे नकारात्मक ऊर्जा को बुलावा मिल सकता है।

इसी बीच, एक ‘कानपुरिया ट्विस्ट’ ने सबका ध्यान खींच लिया और इंटरनेट पर खूब हंसी का माहौल बना दिया।

सोशल मीडिया व्लॉगर नाफिया अनस ने इस ट्रेंड को मज़ेदार अंदाज़ में किया। उन्होंने भी पानी और टॉर्च का इस्तेमाल किया, लेकिन हल्दी की जगह गुटखा डाल दिया। साथ में म्यूजिक और लाइटिंग भी रखी गई थी, जिससे वीडियो देखने में वैसा ही लगा, लेकिन हंसी का तड़का अलग ही था।

लोगों ने वीडियो पर मज़ेदार कमेंट किए –

“कानपुर का इतना सुंदर दृश्य पहले कभी नहीं देखा!”

“इस ट्रेंड की असली विनर यही है।”

“हल्दी से तो बोर हो गए थे, ये तो कमाल है!”


कुछ यूज़र्स ने मज़ाक में कहा कि अगली बार पान मसाला या ज़ुबान केसरी डालना चाहिए।

जहां एक तरफ लोग इस ट्रेंड को काला जादू या आत्माओं को बुलाने का तरीका कह रहे हैं, वहीं नाफिया का यह कानपुरिया अंदाज़ इस पूरे ट्रेंड को हल्के-फुल्के मज़ाक में बदल देता है।

क्या हल्दी-पानी ट्रेंड वाकई खतरनाक है?

पिछले कुछ दिनों में कई वीडियो आए हैं जिनमें लोग इसे अंधविश्वास और खतरे से जुड़ा बता रहे हैं। कुछ का कहना है कि इससे नकारात्मक शक्तियाँ आकर्षित होती हैं, जबकि कुछ लोग इसे लोगों की ज़िंदगी के लिए खतरनाक भी बता रहे हैं।

हालांकि, अभी तक इस ट्रेंड से जुड़ा कोई वैज्ञानिक या पुख्ता सबूत नहीं मिला है, लेकिन नाफिया का हंसी से भरा जवाब इस ट्रेंड पर एक सेफ और मनोरंजक ट्विस्ट बन गया है।


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