भारत का स्वाद अंतरिक्ष में: गाजर का हलवा, मूंग दाल हलवा और आम रस लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे शुभांशु शुक्ला
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रचते हुए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर कदम रखा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो संवाद के दौरान बताया कि वे भारत के पारंपरिक स्वाद को भी अपने साथ अंतरिक्ष में ले गए हैं। शुक्ला ने बताया कि उन्होंने गाजर का हलवा, मूंग दाल का हलवा और आम रस ISS पर साथ लाया ताकि विदेशी अंतरिक्षयात्रियों को भारतीय व्यंजनों का स्वाद चखाया जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने जब मुस्कुराते हुए पूछा, “सब कुशल है? गाजर का हलवा ले गए थे?” तो शुक्ला ने हँसते हुए जवाब दिया, “जी सर, गाजर का हलवा, मूंग दाल का हलवा और आम रस सब लाया हूं। बाकी अंतरिक्ष यात्रियों को भी खिलाया और सबको बहुत पसंद आया।”
प्रधानमंत्री ने इस भावुक पल को भारत के अंतरिक्ष अभियान के नए युग की शुरुआत बताया और कहा, “आज तुम भारत की धरती से सबसे दूर हो, लेकिन हर भारतीय के दिल के सबसे करीब हो।” उन्होंने शुक्ला की यात्रा को गगनयान मिशन की ओर एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि उनके नाम में ही ‘शुभ’ छिपा है, जो इस शुभ शुरुआत का प्रतीक है।
मोदी और शुक्ला की करीब 18 मिनट की बातचीत के अंत में, प्रधानमंत्री ने ऊर्जावान स्वर में ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाया, जिसे अंतरिक्ष से शुक्ला ने गर्व के साथ दोहराया — यह क्षण हर भारतीय के लिए भावुक और गौरवपूर्ण बन गया।
अंतरिक्ष में जीवन के अनुभव साझा करते हुए शुक्ला ने बताया, “यह सिर्फ मेरी यात्रा नहीं, पूरे देश की यात्रा है। मैं यहां हर अनुभव को एक स्पंज की तरह सोख रहा हूं। यहां का हर पहलू अलग है। हमने एक साल तक ट्रेनिंग ली, लेकिन यहां आने के बाद महसूस हुआ कि गुरुत्वाकर्षण के बिना छोटी से छोटी चीज भी चुनौती बन जाती है... यहां सोना तक आसान नहीं है।”
उन्होंने यह भी बताया कि अंतरिक्ष स्टेशन प्रतिदिन पृथ्वी की 16 बार परिक्रमा करता है, जिससे उन्हें रोज़ 16 बार सूर्योदय और 16 बार सूर्यास्त देखने का अद्भुत अवसर मिलता है।
शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा न केवल भारत की वैज्ञानिक प्रगति का प्रतीक है, बल्कि दुनिया को भारतीय संस्कृति और स्वाद से भी परिचित कराने वाला एक यादगार क्षण बन गई है।
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