भारत में 90 के दशक के अंत में अपराध की घटनाएं चरम पर थीं। इस दौरान कई हाई-प्रोफाइल मामले सामने आए, जिन्होंने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
- *जेसिका लाल हत्याकांड (1999)*: जेसिका लाल एक मॉडल थीं जिनकी हत्या मनु शर्मा ने की थी, जब उन्होंने उसे शराब परोसने से इनकार कर दिया था। इस मामले ने मीडिया का ध्यान आकर्षित किया और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- *प्रियंका भगवती हत्याकांड*: प्रियंका भगवती एक ऐसी घटना थी जिसमें एक महिला की हत्या कर दी गई थी और उसके शव को तंदूर में जलाने की कोशिश की गई थी। सुशील शर्मा और केशव कुमार को इस मामले में आरोपी बनाया गया था।
- *शिवानी भटनागर हत्याकांड (1999)*: शिवानी भटनागर एक पत्रकार थीं जिनकी हत्या उनके अपार्टमेंट में की गई थी। इस मामले में आईपीएस अधिकारी रवि कांत शर्मा को आरोपी बनाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें बरी कर दिया गया था।
- *पुरुलिया आर्म्स ड्रॉप मामला*: पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक विमान से हथियार गिराए गए थे, जिसका उद्देश्य स्पष्ट नहीं था। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
- *मुंबई बम विस्फोट (1993)*: मुंबई में हुए सीरियल बम विस्फोटों में सैकड़ों लोग मारे गए थे। इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था और कुछ को सजा भी हुई थी।
इन मामलों ने भारतीय न्याय प्रणाली और समाज पर गहरा प्रभाव डाला और कई सवाल उठाए।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें